RBI की ब्याज दर पर तीनदिवसीय बैठक आज से, 6 जून को आएगा फैसला, बढ़ सकती है ब्याज दर

रिजर्व बैंक की मौद्रिक पॉलिसी कमिटी की ब्याज दर पर तीन दिनों की बैठक आज से शुरू हो रही है। कमिटी ब्याज दर बढ़ाती या नहीं या फिर जस का तस रखती है, इस पर फैसला 6 जून को दोपहर ढ़ाई बजे आएगा। ब्याज दर पर क्या फैसला आता है, इसको लेकर जानकार बंटे हुए हैं। इससे पहले 4और 5 अप्रैल की बैठक में ब्याज दर को जस का तस रखा गया था...
>मौजूदा ब्याज दर:
-रेपो रेट                                  : 6.00%
-रिवर्स रेपो रेट                          : 5.75%
-मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट (MSF) : 6.25%
-बैंक रेट                             : 6.25%
-कैश रिजर्व रेश्यो (CRR)   : 4%
-एसएलआर                         :   19.5%
-बेस रेट                              :   8.70 - 9.45%
-MCLR (Overnight) : 7.80% -7.95%
-Savings Deposit Rate : 3.50% - 4.00%
-Term Deposit Rate > 1 Year: 6.25% - 6.75% 
((What Is Monetary Policy 
हालांकि, महंगाई और विकास दर के जाता आंकड़े, इस साल मॉनसून के अनुमान, वैश्विक बाजारों में कच्चे तेलों की बढ़ती कीमत की बात करें तो इस बैठक में ब्याज दर बढ़ सकती है।

पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही यानी जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी अनुमान से बेहतर 7.7% सालाना रहा है, वहीं 2017-18 में सालाना 6.7% की विकास दर हासिल कर दुनिया का सबसे तेज विकास करने वाले देश का दर्जा फिर से हासिल किया। विकास दर में ये बढ़ोतरी रिजर्व बैंक को ब्याज दर बढ़ाने की गुंजाइश देती है। 
उधर, वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर के करीब पहुंच गई है। भारत अपनी कुल खपत का करीब 80 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात करता है, तो जाहिर है जब कच्चे तेल की वैश्विक कीमत बढ़ेगी तो भारत में डीजल, पेट्रोल की कीमत बढ़ेगी और इससे महंगाई बढ़ेगी, महंगाई बढ़ी भी है। ऐसे में रिजर्व बैंक के पास ब्याज दर बढ़ाने की विवशता है।  

उधर, मॉनसून को लेकर अच्छी खबर है। इस साल मॉनसून अच्छा रहने वाला है। सरकार के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल देशभर में मॉनसून की बारिश 94-104% रहने वाली है। ये इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर है। मॉनसून को लेकर ये शुरुआती पूर्वानुमान है। हालांकि, मॉनसून की प्रगति पर रिजर्व बैंक खास नजर रखेगा। कुछ जानकार अगस्त की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की अनुमान लगा रहे हैं, लेकिन आंकड़े की मानें तो रिजर्व बैंक जून की बैठक में चौथाई प्रतिशत ब्याज बढ़ा सकता है। 














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