आपकी बचत को कई गुना बढ़ाता है म्युचुअल फंड, निवेश शुरू करके तो देखिये

अगर आप किसी ऐसे निवेश साधन की तलाश में हैं जो आपकी बचत को कई गुना बढ़ा दे या आपके घर या बचत खाते में यूं ही पड़े पैसों पर ज्यादा रिटर्न दे, तो म्युचुअल फंड आपके लिए सही विकल्प हो सकता है।

आप शायद सोच रहे होंगे कि म्युचुअल फंड तो सिर्फ शेयर  बाजार से जुड़ा हुआ निवेश साधन है। लेकिन, ऐसा नहीं है। दरअसल, यह शेयर बाजार, सोना, रियल इस्टेट, फिक्स्ड इनकम देने वाले डेट इंस्ट्रूमेंट का एक सम्मिश्रण है। डेट इंस्ट्रूमेंट यानी ऋण निवेश साधनों में शामिल हैं बॉन्ड्स, सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट्, कमर्शियल पेपर्स, डिबेंचर्स, फिक्स्ड डिपॉजिट,सरकारी प्रतिभूति, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट जैसे निवेश साधन। अब तो आप समझ गए होंगे कि अगर आप  बैंक एफडी में पैसे लगाएंगे, तो सिर्फ बैंक एफडी वाला ही फायदा मिलेगा, लेकिन अगर आप म्युचुअल फंड में पैसे लगाते हैं तो बहुत संभव है कि एक साथ आपको बॉन्ड्स, सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट्, कमर्शियल पेपर्स, डिबेंचर्स, फिक्स्ड डिपॉजिट,सरकारी प्रतिभूति, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट जैसे निवेश साधनों से मिलने वाले लाभ का फायदा उठा सकते हैं।

कहने का मतलब है कि निवेश साधनों के आधार पर म्युचुअल फंड के प्रकार होते हैं।मसलन, इक्विटी फंड,  डेट फंड, लिक्विड फंड, ईटीएफ, डायवर्सिफाइड स्कीम, ओपेन एंडेड और क्लोज एंडेड फंड, लार्ज कैप और मिड कैप,  बैलेंस्ड फंड, ग्रोथ फंड,  वैल्यू फंड, मन मार्केट फंड,  गिल्ट फंड, पेंशन फंड,टैक्स सेविंग्स फंड बगैरह। आपको किस फंड में पैसा लगाना है,ये फैसला बिल्कुल आपका होता है। फंड मैनेजर या फंड हाउस आपको सिर्फ सलाह दे सकते हैं, उसे मानने के लिए आप बाध्य नहीं हैं। फंड में कितना पैसा लगाना है, कितने दिनों तक पैसा लगाना है, किन फंड्स में पैसे लगाने हैं, यह सारा फैसला आपको खुद करना है। म्युचुअल फंड में एक दिन से लेकर लंबी अवधि तक पैसे लगाने की सुविधा  है। अगर आपको बैंक बचत खाते की तरह तत्काल पैसे की जरूरत हो, तो आप अच्छे से लिक्विवड फंड में पैसे लगा सकते हैं।

अब जब एक निवेश साधन के इतने सारे फायदे हैं तो जाहिर है अब आप भी इसमें निवेश करने के बारे में सोच रहे होंगे। लेकिन, एक और सवाल आपके मन में उठ रहा होगा। शायद आपको लग रहा होगा कि म्युचुअल फंड तो बहुत ही जटिल निवेश साधन है। तो, हम आपको बता दें कि अगर आप भीम्युचुअल फंड को जटिल निवेश साधन मान रहे हैं, तो कई कंपनियां इस बारे में निवेशक जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। इनमें से एक कंपनी है रिलायंस  म्युचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) भी। यह कंपनी म्युचुअल फंड के बारे में तरह-तरह के प्लेटफॉर्म,जैसे न्यूज़ चैनल, अंग्रेजी और अलग-अलग भाषाओं के अखबारों, सोशल मीडिया, रेडियो, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये जागरूकता फैलाने का काम कर रही है। इस जागरूकता कार्यक्रम का लक्ष्य है ज्यादा से ज्यादा लोग म्युचुअल फंड जैसे विविध प्रकार के फायदा देने वाले निवेश साधनों का लाभ उठायें,  पूरी-तरह से जांच-परखकर किसी भी फंड का चुनाव करें और अपने फाइनेंशियल सफर को  सुहाना बनाएं।
हर महीने की 7 तारीख को म्युचुअल फंड  डे (MFD) मनाया जाता है। यही नहीं, रिलायंस म्युचुअल फंड के फेसबुक पेज फंड फॉर अ फ्रेंड (FFAF) के जरिये  म्युचुअल फंड के बारे में जागरूक लोग अपने दोस्तों को भी म्युचुअल फंड में पैसे लगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।  रिलायंस म्युचुअल फंड के म्युचुअल फंड डे और फंड फॉर अ फ्रेंड जैसी पहलों का फायदा भी हो रहा है। देश में म्युचुअल फंड को लोकप्रिय बनाने में ये कदम
काफी कारगर साबित हो रहे हैं। आंकड़े इसके गवाह हैं। जबसे रिलायंस म्युचुअल फंड ने ये मुहिम शुरू की है, तबसे फंड हाउसेस के कुल एयूएम यानी असेट अंडर मैनेजमेंट (प्रबंधाधीन आस्ति) और फोलिया अकाउंट ( बैंक खाते की तरह म्युचुअल फंड खाता को फोलियो अकाउंट कहते हैं)  में जोरदार इजाफा देखने को मिल रहा है। म्युचुअल फंड में निवेश करने से पहले कुछ बातें याद रखियेगा। पहली बात ये कि इसमें निवेश जोखिमपूर्ण है और दूसरी बात किसी भी  म्युचुअल फंड के पहले का रिटर्न इस बात की गारंटी नहीं है कि आने वाले समय में भी वह फंड वैसा ही रिटर्न देगा।

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