RBI ने भारतीय राज्यों पर सांख्यिकी हैंडबुक जारी किया, जानिए राज्यों की इकोनॉमी 1951 से लेकर अब तक कितनी बदली है




आरबीआई ने भारतीय राज्यों पर सांख्यिकी हैंडबुक 2016-17 को जारी किया

आरबीआई ने भारतीय राज्यों पर सांख्यिकी
हैंडबुक 2016-17 को जारी किया
भारतीय रिजर्व बैंक ने आज अपने सांख्यिकीय प्रकाशन "भारतीय राज्यों पर सांख्यिकी की हैंडबुक" शीर्षक के दूसरे संस्करण को जारी किया। इस प्रकाशन के माध्यम से, रिज़र्व बैंक भारत की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक आंकड़ों का प्रसार कर रहा है।
यह प्रकाशन 'एक संकेतक-एक सारणी' दृष्टिकोण का अनुसरण करता है और 129 सारणी में 1951 से 2016-17 तक की समय अवधि के सामाजिक-जनसांख्यिकी पर उप-राष्ट्रीय आंकड़े, राज्य घरेलू उत्पाद, कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचा, भारतीय राज्यों में बैंकिंग और राजकोषीय संकेतक को शामिल किया गया है। जबकि हैंडबुक को नवीनतम उपलब्ध डेटा के आधार पर अद्यतन किया गया है, इसके विषयवस्तु में बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त तालिकाओं को शामिल कर सुधार किया गया है। इस प्रकार, राज्यवार बिजली की उपलब्धता, बिजली की प्रति व्यक्ति उपलब्धता, बिजली की स्थापित क्षमता, और बिजली की आवश्यकता पर मौजूदा डेटा श्रृंखला के अलावा, इस संस्करण में राष्ट्रीय राजमार्गों की राज्य वार लंबाई, रेलवे मार्गों, सड़कों की लंबाई, और राज्य राजमार्गों की लंबाई पर आंकड़े जोड़े गए है जो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय,और रेल मंत्रालय; भारत सरकार जैसे प्राधिकरणों से प्राप्त सूचना पर आधारित है।
हैंडबुक के इलेक्ट्रॉनिक रूप को भी www.rbi.org.in पर एक्सेस किया जा सकता है।
हैंडबुक पर टिप्पणियाँ और सुझावों का स्वागत है और इसे कृपया निदेशक, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था निगरानी विभाग, आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक, 7वीं मंजिल, केंद्रीय कार्यालय भवन, मुंबई 400 001 को भेजें या कृपया ई-मेल भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 

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