अमरनाथ तीर्थयात्रा की तारीख घोषित, जानिए पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया और यात्रा से पहले की स्वास्थ्य तैयारियां

श्री अमरनाथ यात्रा 2017 के तीर्थयात्रियों का पंजीकरण 
श्री अमरनाथ यात्रा 2017 - 29 जून से 07 अगस्त तक 
   

  •         श्री अमरनाथ यात्रा 2017 के तीर्थयात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया 01 मार्च 2017 से सभी बैंक शाखाओं  में शुरू हो चुकी है। श्री अमरनाथ श्राईन बोर्ड के अध्यक्ष व जम्मू-कश्‍मीर के राज्यपाल ने बैंक के माध्यम से यात्रियों के पंजीकरण के लिए निम्न प्रक्रिया जारी की है:-


1. पंजीकरण और यात्रा परमिट पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर जारी की जाएगी।

2. एक यात्रा परमिट सिर्फ एक यात्री के पंजीकरण के लिए मान्य होगा।

3. यात्रियों के पंजीकरण के लिए प्रत्येक पंजीकरण शाखा को एक निश्चित प्रतिदिन /प्रति रूट कोटा आवंटित किया गया है। पंजीकरण कार्यालय यह सुनिश्चित करेगा कि यात्रियों की संख्या आवंटित प्रतिदिन / प्रति रूट की संख्या से अधिक न हो।

4. यात्रा के लिए 13 वर्ष से कम या 75 वर्ष से ज्यादा आयु तथा 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिला का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

5. प्रत्येक यात्री को यात्रा का परमिट प्राप्त करने के लिए एक आवेदन-पत्र और एक अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र (सी.एच.सी.) जमा करना होगा।  आवेदन पत्र और सी.एच.सी. का प्रारूप तथा अधिकृत डॉक्‍टरों /चिकित्सा संस्थानों की सूची एस.ए.एस.बी. की वेबसाइट  www.shriamarnathjishrine.com. पर उपलब्ध है।

6. पंजीकरण शाखा के द्वारा यात्रियों को आवेदन-पत्र और सी.एच.सी. निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

7. यात्रा परमिट के आवेदन के लिए, आवेदक-यात्री को निम्न दस्तावेज पंजीकरण अधिकारी को जमा करने होंगें:-

क) भरे गए निर्धारित आवेदन-पत्र तथा

ख) अधिकृत डॉक्‍टर / चिकित्सा संस्था द्वारा 10 फरवरी, 2017 या इसके बाद जारी निर्धारित अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र

ग) चार पासपोर्ट आकार के फोटो (तीन यात्रा परमिट के लिए तथा एक आवेदन पत्र के लिए)

8. पंजीकरण अधिकारी निम्न की जाँच करेगा:

क) क्या यात्री के द्वारा आवेदन-पत्र सही-सही भरा गया है और हस्ताक्षरित किया गया है ?

ख) क्या सी.एच.सी. अधिकृत डॉक्‍टर /चिकित्सा संस्थान द्वारा जारी किया गया है ?

ग) क्या सी.एच.सी. 10 फरवरी, 2017 को या इसके बाद जारी किया गया है ?

9. यात्री द्वारा की जाने वाली यात्रा का दिन विशेष (सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार) यात्रा परमिट पर मुद्रित किया जाएगा। यात्रा परमिट पर मुद्रित किए गए दिन को यात्री बलटल और चंदनवाड़ी (पहलगाम) स्थित एक्सेस कंट्रोल गेट को पार करने की आज्ञा दी जाएगी।

10. बैंक शाखा यह सुनिश्चत करेगी कि जिस दिन एक्सेस कंट्रोल गेट को पार करने के लिए यात्रा परमिट जारी किया गया है वह दिन और यात्रा परमिट पर मुद्रित दिन (सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार, शनिवार या रविवार) एक समान है।

11. यात्री परमिट प्रपत्र में यात्रा का वर्ष और दिन मुद्रित नहीं किया गया है इसलिए जारी करने वाली बैंक शाखा के लिए यह अनिवार्य है कि वह यात्रा का वर्ष और दिन की मुहर लगाए या लिखकर अंकित करे और इस प्रकार लिखे गए या मुहर लगाए गए यात्रा के दिन और वर्ष के ऊपर एक पारदर्शी टेप चिपकाएँ। (पारदर्शी टेप का चिपकाया जाना महत्वपूर्ण है ताकि यात्रा के दिन और तारीख में कोई गड़बड़ी न की जा सके)। हालांकि यात्रा की तिथि, वर्ष और बैंक शाखा की मुहर यात्रा परमिट जारी करने के समय ही लगाई जाएगी। किसी भी स्थिति में यात्रा परमिट पर अग्रिम मुहर नहीं लगाई जाएगी। इस तथ्य को विशेषकर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

12. यदि आवेदन-प्रपत्र और सी.एच.सी सही है तो पंजीकरण अधिकारी आवेदक को प्रत्येक यात्रा परमिट के लिए रूपये 50 के भुगतान पर (इस राशि में 35 रूपये एस.ए.एस.बी. के खाते में चले जाएंगे और शेष राशि बैंक के पास रहेगी) तथा पैरा 13 से 16 में वर्णित निर्देशों का पालन करने पर एक यात्रा परमिट जारी करेगा।

13. पंजीकरण अधिकारी आवेदन-पत्र और सी.एच.सी. में वर्णित विवरण के आधार पर नियत स्थान पर यात्रा परमिट प्रपत्र में पासपोर्ट आकार की फोटो चिपकाएगा। यात्रा की तिथि भी सही-सही अंकित की जाएगी।

14. पंजीकरण अधिकारी यात्रा परमिट पर इस प्रकार से हस्ताक्षर करेगा और बैंक शाखा की सील लगाएगा कि सील का एक  हिस्सा आवेदक की फोटो पर तथा शेष हिस्सा परमिट पर अंकित हो जाए। हालांकि यात्रा की तिथि, वर्ष और बैंक शाखा की मुहर यात्रा परमिट जारी करने के समय ही लगाई जाएगी। किसी भी स्थिति में यात्रा परमिट पर अग्रिम मुहर नहीं लगाई जाएगी। इस तथ्य को विशेषकर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

15. आवेदक-यात्री को यात्रा परमिट जारी करने से पहले पंजीकरण अधिकारी निम्न विवरणों का ब्यौरा प्रस्तुत करेगा।

क) यात्रा परमिट जारी करने की तारीख

ख) यात्रा परमिट का क्रमांक

ग) आवेदक यात्री का नाम, पता और टेलीफोन/मोबाइल नं.

घ) आपातकालीन स्थिति में सूचना देने के लिए आवेदक यात्री द्वारा नामित व्यक्ति

ड) तीर्थ यात्रा का मार्ग

च) बलटल /पहलगाम से यात्रा प्रारंभ करने की तारीख

16. पंजीकरण अधिकारी बलटल मार्ग के लिए BALTAL तथा पहलगाम मार्ग के लिए PHALGAM 
अंकित करते हुए यात्रा परमिट जारी करेगा।

श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य परामर्श 

श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा की यात्रा में 14000 फुट तक की ऊंची चढ़ाई शामिल होती है। यात्रियों को इतनी ऊंची चढ़ाई के कारण निम्‍न लक्षणों के साथ ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है- भूख न लगना, जी मचलाना, उल्‍टी, थकान, कमजोरी, चक्‍कर आना, नींद में परेशानी, दृष्टि दोष, मूत्र प्रणाली के गडबडी, नली में गड़बड़ी, शारीरिक गतिविधियों के समन्‍वय में कमी, शरीर के एक हिस्‍से में लकवे की शिकायत, धीरे धीरे आने वाली बेहोशी, मानसिक स्‍तर में परिवर्तन, उनींदापन, सीने में खिंचाव, रक्‍त संचय, श्‍वास गति बढ़ना और हृदय गति बढ़ना। यदि ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों का समय रहते उपचार न किया जाए तो ये कुछ ही घंटों में जानलेवा साबित हो सकती हैं।

श्री अमरनाथ जी तीर्थ मंडल ने यात्रियों के लिए निम्‍न स्‍वास्‍थ्‍य परामर्श जारी किये हैं-

ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों से बचाव के लिए-

1 यात्रा की तैयारी के लिए शारीरिक अनुकूलता प्राप्‍त करें- यात्रा से कम से कम एक महीना पहले सुबह/शाम कम से कम 4-5 कि‍लोमीटर सैर की सलाह दी जाती है।

2 गहरे श्‍वास के व्‍यायाम जैसे योग, विशेषकर प्राणायाम शुरू करें ताकि शरीर में आक्‍सीजन की क्षमताओं को बढ़ाया जा सके।

3 अगर आपको पहले से कोई चिकित्‍सा संबंधी परेशानी है तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा से पूर्व अपने डॉक्‍टर से जांच अवश्‍य करायें।

4 चढ़ाई के समय धीरे-धीरे चलें और स्‍वयं को वातावरण के अनुकूल होने का समय दें। खड़ी चढ़ाई से पहले कुछ क्षण का समय लें।

5 अपनी सामान्‍य क्षमता से अधिक परिश्रम न करें।

6 विभिन्‍न स्‍थानों पर अनिवार्य रूप से आराम लें और समय संलेखन को सुनिश्चित करें। अगले स्‍थल तक पहुंचने के लिए प्रदर्शित बोर्ड पर दर्शाया गया आदर्श समय ही लें।

7 कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्‍टर को अवश्‍य दिखायें।

8 शरीर में पानी की कमी और सिर दर्द से बचने के लिए काफी मात्रा में पानी पीयें- लगभग 5 लीटर तरल पदार्थ प्रतिदिन।

9 यात्रा क्षेत्र में आहार लेते समय तीर्थ मंडल की वेबसाइट (श्री अमरनाथ जी श्राइन डॉट कॉम) पर उपलब्‍ध निर्धारित आहार सूची का अनुसरण करें।

10 थकान और रक्‍त में शर्करा के निम्‍न स्‍तर से बचने के लिए काफी मात्रा में कार्बोहाइडेट लें।

11 अपने साथ संवहनीय ऑक्‍सीजन लेकर चले जो श्‍वास की तकलीफ के समय मददगार साबित होती है।

12 अगर आपको ऊंचाई संबंधित परेशानी के लक्षण दिखायी देते हैं तो तुरंत निम्‍न ऊंचाई वाले क्षेत्र में उतर जाएं।

13 अगर कुछ सप्‍ताह पूर्व लिए गए अनिवार्य स्‍वास्‍थ्‍य प्रमाणपत्र के बाद आपके स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍तर में कोई बदलाव आए तो यात्रा आरंभ करने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह आवश्‍य लें।

14 ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें पेश आने पर या कोई भी अन्‍य परेशानी होने पर प्रति 2 किलोमीटर पर उपलब्‍ध सबसे नजदीकी स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा केंद्र से तुरंत संपर्क करें।  

ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों से बचाव के लिए न करें-

1 ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानियों के लक्षणों को अनदेखा ना करें।

2 शराब, कैफिन युक्‍त पेय और धुम्रपान न करें।

3 ऊंचाईजन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य परेशानी आने पर आगे चढ़ाई न करें। इसकी बजाय तुरंत निचले क्षेत्र में उतरें जहां का वातावरण आपके अनुकूल हो।

4 बीमार यात्री की कही गई प्रत्‍येक बात को स्‍वीकार न करें क्‍योंकि उनकी धारणा गलत हो सकती है।
(  स्रोत-पीआईबी)

(अष्टविनायक, देहु, आळंदी, जेजुरी की यात्रा- 3 दिन, प्रति व्यक्ति चार्ज 2000 रु. (खाना, रहना, चाय, नाश्ता शामिल)

((2017  में लंबे वीकेंड की भरमार, फाइनेंशियल प्लान अभी से रखें तैयार, देखिये वीकेंड की लिस्ट

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