मई में सालाना आधार पर निर्यात 8 प्रतिशत बढ़ा, 30 महीने की ऊंचाई पर पहुंचा व्यापार घाटा

भारत का विदेश व्यापार : मई, 2017
वाणिज्यिक वस्‍तुओं का व्‍यापार
निर्यात (इसमें पुनर्निर्यात भी शामिल है) 
निर्यात में पिछले आठ महीनों से लगातार सुधार का रुख देखा जा रहा है। मई, 2017 के दौरान 24014.62 मिलियन अमेरिकी डॉलर (154713.69 करोड़ रुपये) मूल्‍य की वस्‍तुओं का निर्यात किया गया, जो मई, 2016 में हुए निर्यात के मुकाबले डॉलर के लिहाज से 8.32 फीसदी ज्‍यादा है और रुपये के लिहाज से भी 4.30 फीसदी ज्‍यादा है।
अप्रैल-मई 2017-18 के दौरान निर्यात कुल मिलाकर 48649.71 मिलियन अमेरिकी डॉलर (313627.48 करोड़ रुपये) का हुआ, जो पिछले साल की समान अ‍वधि में हुए निर्यात के मुकाबले डॉलर के लिहाज से 13.83 फीसदी और रुपये के लिहाज से 10.02 फीसदी अधिक है।
आयात
मई, 2017 के दौरान 37856.34 मिलियन अमेरिकी डॉलर (243888.74 करोड़ रुपये) मूल्‍य की वस्‍तुओं का आयात किया गया, जो मई, 2016 में हुए आयात के मुकाबले डॉलर के लिहाज से 33.09 फीसदी ज्‍यादा है और रुपये के लिहाज से 28.16 फीसदी ज्‍यादा है। अप्रैल-मई, 2017-18 के दौरान आयात कुल मिलाकर 75740.62 मिलियन डॉलर (488269.26 करोड़ रुपये) का हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए आयात के मुकाबले डॉलर के लिहाज से 40.63 फीसदी और रुपये के लिहाज से 35.92 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।
((चालू खाता घाटा (CAD)जनवरी-मार्च के दौरान बढ़ा, GDP का 0.6% पर पहुंचा, व्यापार घाटे में बढ़ोतरी का असर 

समग्र व्‍यापार संतुलन
वाणिज्यिक वस्‍तुएं : मई, 2017 के दौरान समग्र व्‍यापार घाटा 13841.72 मिलियन अमेरिकी डॉलर का रहने का अनुमान है, जो मई, 2016 में 6272.90 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।
कुल व्‍यापार संतुलन : वाणिज्यिक वस्‍तुओं और सेवाओं को एक साथ ध्‍यान में रखने पर अप्रैल-मई, 2017-18 के दौरान समग्र व्‍यापार घाटा 21408.91 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो अप्रैल-मई, 2016-17 में 5392.77 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।
(स्रोत-पीआईबी)
अप्रैल में निर्यात में 20 प्रतिशत का इजाफा, व्यापार घाटा तीन गुना बढ़ा, सोने-कच्चे तेल के बढ़े आयात ने चिंता बढ़ाई 

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