HDFC बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने लोन महंगा किया

मोदी राज में रिजर्व बैंक द्वारा पहली बार रेपो रेट में चौथाई परसेंट का इजाफा किए जाने के बाद बैंकों ने कर्ज की दरों में बढ़ोतरी करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले इंडियन बैंक और करुर वैश्य बैंक ने अलग-अलग अवधि के MCLR (धनराशि आधारित उधार दर, निधि आधारित उधार दर, कोष आधारित उधार दर - Marginal Cost of Funds based Lending Rate) में बढ़ोतरी की और अब HDFC बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने भी MCLR बढ़ा दिया है। MCLR वह फ्लोर रेट होता है जिस पर बैंक ग्राहकों को लोन देते हैं।

HDFC बैंक ने 7जून से एक साल के लोन पर एमसीएलआर 8.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.40 प्रतिशत कर दिया। वहीं HDFC बैंक तीन साल के लोन पर अब 8.70 प्रतिशत और 6 महीने के लोन पर 8.25 प्रतिशत ब्याज वसूलेगा।

उधर, बैंक ऑफ इंडिया ने एमसीएलआर में संशोधन करते हुए अब एक साल लोन पर 8.50 प्रतिशत, 6 महीने के लोन पर 7.90 प्रतिशत, 6 महीने के लोन पर 8.45 प्रतिशत ब्याज वसूलेगा। नई दरें 10 जून से लागू होंगी।

इससे पहले रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद इंडियन बैंक और करुर वैश्य बैंक ने अलग-अलग अवधि के MCLR (धनराशि आधारित उधार दर, निधि आधारित उधार दर, कोष आधारित उधार दर - Marginal Cost of Funds based Lending Rate) में बढ़ोतरी कर दी है जबकि बैंक ऑफ महाराष्ट्रा ने जल्द ही कर्ज महंगा करने के संकेत दिये हैं। इंडियन बैंक ने 3 महीने से लेकर 5 साल तक के लोन का एमसीएलआर 0.10 प्रतिशत बढ़ा दिया है। करुर वैश्य  बैंक ने भी 6 महीने से लेकर 1 साल तक के लोन का एमसीएलआर 0.10 प्रतिशत बढ़ा दिया है। 

वहीं स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने के पहले ही कर्ज की दरों में बढ़ोतरी कर दी थी।

आपको बता दूं कि रिजर्व बैंक कमर्शियल बैंकों को जिस रेट पर कर्ज देता है वह रेपो रेट कहलाता है। बैंकों को कई बार पैसों की जरूरत होती है तो वो रिजर्व बैंक से रात भर के लिए कर्ज लेते हैं। अब यह कर्ज रिजर्व बैंक ने महंगा कर दिया है। तो जब बैंकों को ही लोन महंगा मिलेगा तो जाहिर है बैंक भी अपने ग्राहकों को महंगा लोन ही देंंगे। 

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