सुनार (जुलर्स) के अलावा सोना खरीदने के कई तरीके हैं...

अगर सोना या फिर सोने के गहने खरीदने हो, तो हममें से ज्यादातर लोग क्या करते हैं। अपने नजदीकी या भरोसेमंद सुनार या जुलरी की दुकान में जाते हैं, पैसों का भुगतान करते हैं और अपनी मनपसंदीदा चीज खरीद लेते हैं। लेकिन सोने में निवेश करने के कई दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं, जो हो सकता है आपको आसान लगे। 

>1-गोल्ड फ्यूचर और ऑप्शन (Gold Future&Options): देश के दिग्गज कमोडिटीज डेरिवेटिव्ज एक्सचेंज एमसीएक्स  (www.mcxindia.com) पर गोल्ड फ्यूचर का कारोबार कर सकते हैं।  गोल्ड फ्यूचर काफी जोखिम वाले निवेश साधन होते हैं, इसलिए इसमें ज्यादा सतर्कता की जरूरत होती है। साथ ही इसे समझना काफी जटिल भी है। 

>2-गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs-गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स):  गोल्ड ETF के जरिए आप गोल्ड में ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं। ऑनलाइन गोल्ड खरीदने के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है। इस माध्यम से कोई भी उपभोक्ता कम से कम 1 ग्राम  सोना खरीद सकता है। इसे खरीदने में केवल ब्रोकर और डीमैट अकाउंट के चार्जेस लगते है। 

>3-सोने के सिक्के और छड़ (Gold Coins&Gold Bars):फिजिकल गोल्ड में निवेश करने का एक और तरीका छड़ और सिक्कों में निवेश करने का है। बैंक और ज्वैलरी शॉप से कोई भी ग्राहक इन्हें खरीद सकता है। आम तौर पर यह 5 ग्राम, 10 ग्राम और 50 ग्राम वजन में उपलब्ध होते हैं। 

>4-सोने के गहने (Gold Jewellery): सोने के गहने खरीदना निवेश करने का सबसे पुराना तरीका है। लेकिन यदि निवेश के लिहाज से कोई ग्राहक सोने के गहने खरीदता है तो उसे दोहरा नुकसान होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गहने खरीदते समय ज्वैलर्स मेकिंग और वेस्टेज चार्जेस जोड़ देते हैं और जब इन्हीं गहनों को ग्राहक बाजार में वापस बेचने जाते हैं तब ज्वैलर्स मेंकिग चार्जेस और वेस्टेज को काटकर इसकी कीमत लगाते हैं। ऐसे में निवेश पर मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है। 

>5- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond): इसमें खरीदारी बॉन्ड्स के रूप में होती है। कीमतों में उतार चढ़ाव के हिसाब से निवेश पर ब्याज दिया जाता है। बॉन्ड का गुणांक 5, 20, 50 और 100 ग्राम के गोल्ड में होता है। इस स्कीम के अंतर्गत बॉन्ड्स को बैंक/एनबीएफसी/पोस्ट ऑफिस / नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) एजेंट्स के जरिए खरीदा या बेचा जा सकता है। 

>6-गोल्ड म्युचुअल फंड (Gold Mutual Fund):ऑनलाइन गोल्ड में निवेश करने का एक और तरीका म्युचुअल फंड्स भी है। इसमें आप न्यूनतम 1000 रुपए का भी निवेश कर सकते हैं।  तमाम कंपनियां गोल्ड फंड चलाती हैं, जिनमें निवेश करके कोई भी व्यक्ति गोल्ड में ऑनलाइन निवेश कर सकता है। 

>7- गोल्ड सेविंग फंड (Gold Savings Fund): छोटे निवेशकों को खासतौर पर ईटीफ में ट्रेड करने में दिक्कत होती है तो उनके लिए गोल्ड सेविंग फंड बेहतर हैं। ये भी साधारण म्युचुअल फंड की तरह होते हैं। इसमें भी सोने में एक्सपोजर की तरह ही वैल्यू मिलती है। निवेशक इन फंड में एसआईपी भी कर सकते हैं। आप इसमें सामान्य म्यूचुअल फंड की तरह छोटी राशि भी निवेश कर सकते हैं। 

>8-सोना प्रोड्यूस करने वाली या गोल्ड जूलरी एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश 

>9-गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (Gold Fund Of Funds): ये भी म्युचुअल फंड ही हैं। इसमें म्युचुअल फंड कंपनियां गोल्ड ईटीएफ में निवेश करती हैं। ऐसा माना जाता है कि ज्यादातर म्युचुअल फंड कंपनियां गोल्ड फंड ऑफ फंड्स के तहत अपनी ही गोल्ड ईटीएफ स्कीम में पैसे लगाती है। 

एक बात याद रखिये... सोने में हर तरीके के निवेश में नफा-नुकसान है, कमोबेश हर तरीके में कुछ ना कुछ जोखिम है। तो, आप जब भी सोने में निवेश के  बारे में तो सोचें, तो हर तरीके के हर पहलू पर विचार कर लें तभी पैसे लगाएं। अगर सोने में निवेश को लेकर आप उलझन में हैं तो अपने भरोसेमंद वित्तीय  सलाहकार से मदद भी ले सकते हैं।

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