एनपीएस ( NPS-National Pension System) क्या है, आप कैसे उठा सकते हैं फायदा

फोटो साभार: india.gov.in
सेवानिवृति (रिटायरमेंट) के बाद भी सभी नागरिक अपना जीवन स्तर (लिविंग स्टैंडर्ड) बिना किसी समझौते के अच्छा बनाए रखें, इसी इरादे से एनपीएस या राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension System) की शुरुआत हुई है। इसे सभी के लिए सेवानिवृति योजना के तौर पर जाना जाता है। इसका लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा के साथ साथ वित्तीय सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना है।

भारत सरकार ने देश में पेंशन क्षेत्र के विकास और विनियमन के लिए 10 अक्‍तूबर 2003 को पेंशन निधि विनियामक और  विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं स्‍थापित किया। राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली एनपीएस) 1 जनवरी 2004 को सभी नागरिकों को सेवानिवृत्ति आय प्रदान करने के उद्देश्‍य से आरंभ की गई थी।

एनपीएस जरूरी क्यों (Why NPS necessary?):
-वृद्धावस्था के दौरान जब लोगों के पास आय का कोई नियमित स्रोत
नहीं हो तो वित्तीय सुरक्षा और स्थायित्व के लिए
-रिटायरमेंट के बाद जब आप कोई काम नहीं कर रहे होते, तब भी
नियमित आय के लिए
-लोगों के पास प्रतिष्ठापूर्ण जीवन जीने और अपनी उम्र के बढ़ते वर्षों
में अपना जीवन स्तर किसी समझौते के बिना अच्छा बनाए रखने के लिए
-लोगों में सेवानिवृति के लिए बचत की आदत को बढ़ावा देने के लिए
-संयुक्‍त राष्‍ट्र जनसंख्‍या प्रभाग के अनुसार भारत में जीवन प्रत्‍याशा वर्तमान
65 वर्ष से बढ़कर 2050 तक 75 वर्ष पहुंच जाने की आशा है। देश में बेहतर
स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता परिस्थितियों से जीवन अवधि बढ़ गई है। इसके परिणाम
स्‍वरूप सेवा निवृत्ति के पश्‍चात के वर्षों की संख्‍या भी बढ़ गई है। इस प्रकार
जीवन की बढ़ती लागत, स्‍फीति और जीवन प्रत्‍याशा ने सेवा निवृत्ति की
योजना को आज के जीवन का अनिवार्य हिस्‍सा बना दिया है।
-एनपीएस का लक्ष्‍य पेंशन के सुधारों को स्‍थापित करना और
नागरिकों में सेवानिवृत्ति के लिए बचत की आदत को बढ़ावा देना है।

> NPS के लाभ:
-यह पारदर्शी है -
-यह सरल है -
-यह अंतरण योग्‍य है - प्रत्‍येक कर्मचारी को एक विशिष्‍ट संख्‍या से पहचाना जाता है और उसकी एक अलग
PRAN होती है जो अंतरण योग्‍य है, अर्थात् यह कर्मचारी के किसी अन्‍य कार्यालय में स्‍थानांतरित होने
पर भी समान बनी रहती है।
-यह विनियमित (Regulated) है - एनपीएस का विनियमन पारदर्शी निवेश मानकों के साथ पीएफआरडीए -
 बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं द्वारा तथा एनपीएस न्‍यास - बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में
खुलती हैं द्वारा  निधि प्रबंधक की नियमित निगरानी और निष्‍पादन समीक्षा के साथ किया जाता है

> NPS में कौन भाग ले सकता है
-केंद्र सरकार के कर्मचारी
-केंद्रीय सरकार सेवा (सशस्‍त्र सेनाओं के अलावा) के तथा 1 जनवरी
2004 को या उसके बाद सरकारी  सेवा में आने वाले केंद्रीय स्‍वायत्त
निकायों के सभी नए कर्मचारियों पर लागू है।
-राज्‍य सरकार के कर्मचारी
-कॉर्पोरेट
-व्‍यक्ति:भारत के सभी नागरिक चाहे वे निवासी हों या अनिवासी 18 वर्ष
की उम्र से लेकर 60 वर्ष की उम्र तक उपस्थिति बिन्‍दु (पीओपी) / उपस्थिति
बिन्‍दु - सेवाप्रदाता (पीओपी- एसपी) एनपीएस में आवेदन जमा करने की
तिथि से एनपीएस में शामिल हो सकते हैं।
Source: www.india.gov.in
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